दर बालाजी के अर्ज़ी लागले दुःख तेरा भाग जायेगा ओ भक्ता।।
दर बालाजी के अर्ज़ी लागलेआज श्रद्धा से बाबा को मानलेदुःख तेरा भाग जायेगा ओ भक्ता।। सच्चा है दरबार मेरे बालाजीमिलता है प्यार यहाँ बालाजी का।। दर बालाजी के अर्ज़ी लागलेआज श्रद्धा से बाबा को मानलेदुःख तेरा भाग जायेगा ओ भक्ता।। संकट तेरे आठ तेरे साथ है तो मार बड़ी खायेगाबालाजी के सोते से वो बच …