बाला नाम तुम्हारा सुनके मैं दरबार में तेरे आई हूं
बाला नाम तुम्हारा सुनके मैंदरबार में तेरे आई हूं।। आंसू से तुम्हें पहनने कोमैं हार पिरो के लिए हूं।। दुख दर्द ने मुझको सत्य हैऔर मोह माया ने फैसला है।। गैरो की नहीं मैं बालाजीअपनो की ही बहुत सताई हूं।। बाला नाम तुम्हारा सुनके मैंदरबार में तेरे आई हूं।। जिस जिस पे मैंने विश्वास कियाउसके …