तुझे मन खोज रहा महावीर
तुझे मन खोज रहा महावीरतुम सारे जग के स्वामी होसारा जगत पति सारा जगत पतितुझे मन खोज रहा महावीर।। दुख दुर्दीन का तिमिर भागा दोसुख का अभिनव सूर्य उगा दो।। हे बजरंगी भक्त जानो कीहारो भयंकर पीरतुझे मन खोज रहा महावीर।। अवनी अंबर शीश रहेअवनी अंबर सिसक रहेग्रह सीमा से खशक रहे हैंदुष्ट प्रदूषित करते …