जय बुलाता चल बाला की जय बुलाता चल ओ भक्ता रे
जय बुलाता चल बाला कीजय बुलाता चल ओ भक्ता रेबालाजी के चरणों में मिलता मुक्ति फल।। सालसर में है तेरा धाम निरालामेहंदीपुर में आके तूने डेरा डाला।। नाभि से बहती है अमृत की धारबाला तेरे चरणों में स्वर्ग का द्वारओ भक्तो तेरे स्वर्गा का धारओ भंदू रे बालाजी कीकरनी है भक्ति तो अटलजय बुलाता चल …