हनुमत चल दिए गिरी उठा के
जय श्री राम मनाके जयकारा लगाके रेहनुमत चल दिए गिरी उठा के।। उदय ना सूरज होने दूँगाबूटी लेकर मैं पहुचूँगादुगुना जोश बड़ा के रे हनुमंतचल दिए गिरी उठा के।। जय श्री राम मनाके जयकरा लगाके रेहनुमत चल दिए गिरी उठा के।। निकट आयोध्या के जब आएचला के बान भारत पछताएसब को साच बता के रे …