चल बालाजी दरबार तेरे कष्ट कटे छुटकी में
कश्त कटे छुटकी मेंहर व्याध मिते छुटकी मेंचल बालाजी दरबार तेरे कष्ट कटे छुटकी मेंवहा प्रेत राज सरकार संकट व्याध हटे छुटकी में।। मेहंदीपुर बालाजी सबकोपल में कष्ट मिटाते हैं।। रुकता नहीं फिरंगी जब वोअपना रंग दिखाता है।। हर व्याध से दूर रखे वोघाट घाट के है वासी।। तुझे देंगे पल में तारतेरे कश्त कटे …