सिया से कहे हनुमाना रे माँ क्यों सिंदूर लगाया
सिया से कहे हनुमाना रे,माँ क्यों सिंदूर लगाया,सिया से कहें हनुमाना रे,माँ क्यों सिंदूर लगाया।। पूछे जब हनुमान गोसाई,सुनके सिता माँ मुस्काई,पूछे जब हनुमान गोसाई,सुनके सिता माँ मुस्काई,भेद ये मुझे बताना रे,माँ क्यों सिंदूर लगाया,सिया से कहें हनुमाना रे,माँ क्यों सिंदूर लगाया।। माँ ने हनुमत को समझाया,फिर सिंदूर का भेद बताया,प्रसन्न होते भगवाना रे,तभी मैंने …