मेहंदीपुर वालों बाबा को जग में परचम लहरावे से
मेहंदीपुर वालों बाबा को जग में परचम लहरावे से,भगता को काम बनावे से।। उसको न रेहवे कोई फ़िक्र जो इक दफा आ जावे दर,अपने भगतो की चिंता फ़िक्र खुद मेरा बाबा मिटावे से,भगता को काम बनावे से।। मेहँदी पुर की शान अगल बाला जी की पहचान अलग,अरे प्रेत राज भैरव से मिल बाबा भुता ने …