हे बजरंगी बजरंगी चुनरिया तेरे रंग में रंगी

हे बजरंगी बजरंगी चुनरियातेरे रंग में रंगी तुम हो राम नाम सत्संगीतुम से बड़ा ना कोई जंगी ।। ज़रा ज़ोर से सोता मरोबस गया भूतो मेंमुझे दिलवा दो छुटकाराफ़स गया भूतो में।। हे बजरंगी बजरंगी चादारियातेरे रंग में रंगी।। तुम हो राम नाम सत्संगीतुम से बड़ा ना कोई जंगी।। ज़रा ज़ोर से सोता मरोबस गया …

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सियाराम के सारे कष्ट हरे संकट मोचन कहलाए है

सियाराम के सारे कष्ट हरेसंकट मोचन कहलाए है।। सियाराम के सारे कष्ट हरेसंकट मोचन कहलाए है।। जब जब श्री राम पे भीड़ पड़ीबजरंगी दौड़े आए है।। रावण ने जाल बिच्छाया थासीता को वो हर लाया था।। तब एक छलांग में बजरंगीसौ योजन पार लगाए है।। जब जब श्री राम पे भीड़ पड़ीबजरंगी दौड़े आए है।। …

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जय बजरंगी जय हनुमाना तुम को प्रभु जी जग ने माना

जय बजरंगी जय हनुमाना,तुम को प्रभु जी जग ने माना,जय बजरंगी जय हनुमाना।। राम प्रभु की मुर्दिका लेकरमिले सीता को लंका में दे कर,हाल सुनाया मन भर आया,माँ सीता के चरणों को छू कर,पूजे तुम्हको सारा ज़माना,जय बजरंगी जय हनुमाना।। लक्षण जी को मूर्छा ने घेरा,रात बहुत थी दूर था सवेरा,संजीवनी तुम लेकर आयेमूर्छा टूटी …

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अंगना में खेले हे छोटो सो बालाजी

अंगना में खेले हे छोटो सो बालाजीअंगना में खेले हे छोटो सो बालाजीअंजनी मैया ले रही बलैया हनुमान की।। पालने में झूले हे छोटो सो बालाजीअंगना में खेले हे छोटो सो बालाजी।। अंजनी मैया तापे रसोए दूरे बैठे बालाजीवो तो फुल्के खेले हे छोटो सो बालाजी।। आप तो लंगोटी बँधे गढ़ा हाथ मेंवो तो कसरत …

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मंगलवार बाबा के शनिवार बाला के

मंगलवार बाबा के शनिवार बाला केबरसती है खुशिया दरबार बाबा के।। मंगलवार बाबा के शनिवार बाला केबरसती है खुशिया दरबार बाबा के।। जो मंगल को मंदिर में आतेजीवन मंगल मे वो बनाते।। मंगलवार बाबा के शनिवार बाला केकरलो करलो जी करलो दीदार बालाजी।। मंगलवार बाबा के शनिवार बाला केबरती है खुशिया दरबार बाबा के।। शनिवार …

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किसने सजाया मंदिर तेरा बड़ा प्यारा लागे बड़ा सोना लागे

किसने सजाया मंदिर तेरा,बड़ा प्यारा लागे बड़ा सोना लागेबड़ा प्यारा लागे बड़ा सोना लागे।। चोला सिंधुरी ये किसने चढ़ाया,मस्तक पे केसर ये तिलक लगाया,लाल लंगोटा लाल ये तन,बड़ा प्यारा लागे बड़ा सोना लगे।। ये हार गुलाबी किसने पहनाये,ये इतर सुगंदित किसने महकाये,मंदिर बनाया किसने चामण,बड़ा प्यारा लागे बड़ा सोना लागे।। जो सुमिरन प्राणी श्री राम …

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हनुमान बाहुक स्तोत्र गोस्वामी तुलसी दास रचित

सिंधु तरन, सिय-सोच हरन, रबि बाल बरन तनु ।भुज बिसाल, मूरति कराल कालहु को काल जनु ॥गहन-दहन-निरदहन लंक निःसंक, बंक-भुव ।जातुधान-बलवान मान-मद-दवन पवनसुव ॥कह तुलसिदास सेवत सुलभ सेवक हित सन्तत निकट ।गुन गनत, नमत, सुमिरत जपत समन सकल-संकट-विकट ॥१॥ हनुमान बाहुक के श्लोक का अर्थ शरीर का रंग उदयकाल के सूर्य के समान है, जो …

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बाला जी खुद नाचै सागै सारा भगत नचावै रे

सालासर मार्ग मैं भगत जद,डीजे बजावै रे,बाला जी खुद नाचै सागैसारा भगत नचावै रे।। पदलिया सब दौडया जावै ,बाला जी रा जयकारा लगावै ,नाचता कुदता जावै नामन ओ फ़ुलयो समावै रे,बाला जी खुद नाचै सागैसारा भगत नचावै रे।। राम गी धुन मैं हो मतवालो,झुम झुम नाचे माँ अंजलि गो लालो,भगता सागै बाला जी घनी धुम …

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