श्री प्रेतराज चालीसा हिंदी लिरिक्स – जय जय प्रेतराज जग पावन महाप्रबल त्रय तापनसावन
॥ दोहा ॥॥ गणपति की कर वंदना, गुरू चरनन चितलाये।प्रेतराज जी का लिखूं, चालीसा हरषाय।जय जय भूताधिप प्रबल, हरण सकल दुःख भार।वीर शिरोमणि जयति, जय प्रेतराज सरकार।। ॥ चौपाई ॥ जय जय प्रेतराज जग पावन, महाप्रबल त्रय तापनसावनविकट वीर करुणा के सागर,भक्त कष्टहर सबगुण आगर।। रतन जड़ित सिंहासन सोहे, देखत सुन नर मुनि मन मोहे।जगमग …