सालासर में बाबा का जो दरबार न होता
सालासर में बाबा का जो दरबार न होता,हम भक्तो का फिर बेडा कभी भी पार न होता।। सालासर में भक्तो की आशाये कौन पुगातामेहंदीपुर में कष्टों का फिर साया कौन भगाता,दुःख ही दुःख होता सुख का कोई आधार न होता,हम भक्तो का फिर बेडा कभी भी पार न होता।। मितली ना कोई मंजिल सब रहते …