आज मस्ती में बेठे हनुमान जी जपे राम राम जी
आज मस्ती में बेठे हनुमान जी,जपे राम राम जी,करे सांसो की माला से ध्यान जी,जपे राम राम जी।। एसे निराले है इनके कारनामे जी,तेनो युगों में लोहा इनका सभीमान जी,कोई दूजा ना इनके सामान जी,जपे राम राम जी।। बाल बरम चारी को माया का जाल क्या,इनके सामने आये काम की मजाल क्या,इनकी सेवा है सबसे …