पिछम धरा रा राज वीरा जग में परचा भारी रामदेवजी भजन लिरिक्स
पिछम धरा रा राज वीरा,जग में परचा भारी,घोड़ले रे घमको आवो जी,म्हारा पचरंग नेजा धारी,पिछम धरा रा राज वीरा,जग में परचा भारी।। भालो सोवे सोवणो,हाथो में नेजा भारी,दुर्बलिया री बेल पधारो,अजमल घर अवतारी,पिछम धरा रा राज विरा,जग में परचा भारी।। समुन्द्र में डूबे जहाजड़ी,बानिया बोहे तारी,रणुजा सु आप पधारिया,पल में जहाज तारी,पिछम धरा रा राज …