भोलानाथ अमली जी म्हारा शंकर अमली भजन लिरिक्स

भोलानाथ अमली जी,म्हारा शंकर अमली जी,जटाधारी अमली,बगिया मे भंगिया बूआय राखुली।भोलानाथ अमली जी,म्हारा शंकर अमली जी,जटाधारी अमली,सोने के कटोरे में छनाए राखुली।। काई बोऊ काशीजी में,काई जी प्रयाग,काई बोऊ हर की पैडी,काई जी कैलाश।काशीजी मे केसर बोऊ,चंदन प्रयाग,हर की पैडी बिजया बोऊ,धतूरो कैलाश। भोला नाथ अमली जी,म्हारा शंकर अमली जी,जटाधारी अमली,बगिया मे भंगिया बूआय राखुली।। …

Read more

प्रथमं सुमरन हो रे गजानन गणपति वंदना लिरिक्स

प्रथमं सुमरन हो रे गजानन,प्रथमं सुमरन हो रे विनायक।। मूषक वाहन आवो गजानन,रिद्धि सिद्धि संग तम लावो विनायक,प्रथमं सुमिरन हो रे गजानन।। अमिया के लाडले शिव के दुलारे,देवो के कारज रेवो सहारे,प्रथमं सुमिरन हो रे गजानन।। दुंद दुंदाला देवा सूंड सुंडला रे,विग्न विनाशक रे संकट सहायक हे,प्रथमं सुमिरन हो रे गजानन।। धरम तंवर तम भजन …

Read more

हिंडो घला दयो ओ सत्संग माई ने राजस्थानी भजन लिरिक्स

हिंडो घला दयो ओ सत्संग माई ने,दोहा सतगुरु के दरबार में,नर जाइए बारंबार,भूली वस्तु बताएं दी,मेरे सतगुरु दातार। हिंडो घला दयो ओ सत्संग माई ने,ओ गुरूजी हिंनडे हिंनडे सुरता नार,अो सतगुरु जी महारा,हिंनडे हिंनडे सुरता नार।। काया मंदिर में आमली ओ गुरूजी,छाई छाई घेर घुमेर,सतगुरु जी महारा,छाई छाई घेर घुमेर।। हिंडो घला द्यो ओ सत्संग …

Read more

शोभाराम जी की जीवनी लिखित में लिरिक्स

शोभाराम जी की जीवनी, दोहा कठे देवगढ़ कठे द्वारका,कटे भगत भगवान,बळता बागा ने जाय बुझावे,पाछा पहुंचे ठाण ठिकाण।जय जय विश्वकर्मा जी का पुत्र लाडला,आप री महिमा अपरंपार,म्हारा शोभाराम जी महाराज,आपने वंदन बारंबार। देवगढ़ में मांडावाडा में,शोभाराम जी नाम,प्रगटिया संत बड़ाजनमिया भक्त बड़ा।। विक्रम संवत माही 1910 में,भादवा रा महीना माही,आनंद चवदस ने,मेवाड़ मुलक रे माय,आप …

Read more

पीर जी मिल जावे देऊ ओलबो भजन लिरिक्स

पीर जी मिल जावे देऊ ओलबो,हे रामदे मिल जावे देऊ ओलबो,देऊला में हाथोई हाथ म्हारा राम,रामदे मिल जावे देऊ ओलबो।। केसर कंकू ने काली क्यों रे किदी,क्यो किदो हल्दी में रंग म्हारा राम,रामदे मिल जावे देऊ ओलबो,देऊला में हाथोई हाथ म्हारा राम,रामदे मिल जावे देऊ ओलबो।। एकलो तो क्यों किदो वन में रूकडो,क्यो किदो गाया …

Read more

जो कोई जावे सत री संगत में राजस्थानी भजन लिरिक्स

जो कोई जावे सत री संगत में,इनको खबर पड़ी है,सत्संग अमर जड़ी है।। श्लोक सतगुरु के दरबार में,और गया मन बारम्बार,खोल वस्तु बताए दे,म्हारे सतगुरु है दातार।। जो कोई जावे सत री संगत में,इनको खबर पड़ी है,सत्संग अमर जड़ी है।। प्रहलाद सत्संग किणी सरियादे री,रामजी री खबर पड़ी है,हरिनाकश्प थंब तपायो,खंबे बाथ भरी है,सत्संग अमर …

Read more

आसरो बालाजी म्हने थारो थे कष्ट निवारो भजन लिरिक्स

आसरो बालाजी म्हने थारो,थे कष्ट निवारो,पधारो म्हारे आंगणिये पधारो,थारी मैं बुलावा जय जय कार।। सालासर में सज्यो है दरबार,अंजनी का लाला दुखियारा दातार,थाने जो धेयावे करोथे बेडा पार,काटजो घणो यो दुःख म्हारो,थे कष्ट निवारो,पधारो म्हारे आंगणिये पधारो,थारी मैं बुलावा जय जय कार।। सारया हो थे राम जी रा काज,शरण पड्या की राखो जी म्हारी लाज,बैठया …

Read more

म्हारा हरी निर्मोही रे साँवरा जाय बस्यो परदेस भजन लिरिक्स

म्हारा हरी निर्मोही रे,साँवरा जाय बस्यो परदेस,जाय बस्यो परदेस साँवरा,जाय बस्यो परदेस।। श्लोक मीरा जनमी मेड़ते,और परणा दी चित्तोड़,हरी भजन प्रताप से,भई सकल सृष्टि शिरमोड,सकल सृष्टि शिरमोड,जगत मे सारा जानी,आगे भई अनेक बाया ने रानी ,जाकी रीत सगराम कहे,ठीक जगे है ठोढ़,मीरा जनमी मेड़ते,वा परणाई चित्तोड़। म्हारा हरी निर्मोही रे,साँवरा जाय बस्यो परदेस,जाय बस्यो परदेस …

Read more