कलयुग में गाया री पुकार सुनो मारा सांवरिया अरदास लिरिक्स
कलयुग में गाया री पुकार, दोहा ब्रह्म जगत में एक है,चांद सूरज है दोई,पाप जगत में हस रहा,धर्म रहा है रोए। कलयुग में गाया री पुकार,सुनो मारा सांवरिया अरदास,दुखी गाया री सुन लो,विनती हो म्हारा श्याम।। ग्वालों बनी ने लारा,चालतो रे मोरे श्याम,हो छोड़ी दुख की घड़ियां आज,माने भूलियो कृष्ण मुरार,दुखी गाया री सुन लो,विनती …