आरती: ॐ जय महावीर प्रभु (Om Jai Mahaveer Prabhu)

आरती: ॐ जय महावीर प्रभु (Om Jai Mahaveer Prabhu) ॐ जय महावीर प्रभु, स्वामी जय महावीर प्रभो । जगनायक सुखदायक, अति गम्भीर प्रभो ॥ ॥ॐ जय महावीर प्रभु…॥ कुण्डलपुर में जन्में, त्रिशला के जाये । पिता सिद्धार्थ राजा, सुर नर हर्षाए ॥ ॥ॐ जय महावीर प्रभु…॥ दीनानाथ दयानिधि, हैं मंगलकारी । जगहित संयम धारा, प्रभु …

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संकटा माता आरती (Sankata Mata Aarti)

संकटा माता आरती (Sankata Mata Aarti) जय जय संकटा भवानी, करहूं आरती तेरी । शरण पड़ी हूँ तेरी माता, अरज सुनहूं अब मेरी ॥ जय जय संकटा भवानी..॥ नहिं कोउ तुम समान जग दाता, सुर-नर-मुनि सब टेरी । कष्ट निवारण करहु हमारा, लावहु तनिक न देरी ॥ जय जय संकटा भवानी..॥ काम-क्रोध अरु लोभन के …

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श्री गौरीनंदन की आरती (Gouri Nandan Ki Aarti)

श्री गौरीनंदन की आरती (Gouri Nandan Ki Aarti) ओम जय गौरी नन्दन, प्रभु जय गौरी नंदन गणपति विघ्न निकंदन, मंगल नि:स्पन्दन ओम जय गौरी नन्दन प्रभु जय गौरी नंदन ऋषि सिद्धियाँ जिनके, नित ही चवर करे करिवर मुख सुखकारक, गणपति विध्न हरे ओम जय गौरी नन्दन प्रभु जय गौरी नंदन देवगणो मे पहले तव पूजा …

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श्री कुबेर जी आरती – जय कुबेर स्वामी (Shri Kuber Aarti, Jai Kuber Swami)

श्री कुबेर जी आरती – जय कुबेर स्वामी (Shri Kuber Aarti, Jai Kuber Swami)   जय कुबेर स्वामी, प्रभु जय कुबेर स्वामी, हे समरथ परिपूरन । हे समरथ परिपूरन । हे अन्तर्यामी ॥ ॐ जय कुबेर स्वामी प्रभु जय कुबेर स्वामी.. जय कुबेर स्वामी, प्रभु जय कुबेर स्वामी, हे समरथ परिपूरन । -x2 हे अन्तर्यामी …

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श्री कुबेर आरती (Shri Kuber Aarti)

श्री कुबेर आरती (Shri Kuber Aarti) ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे । शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे । ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥ शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े, स्वामी भक्त कुबेर बड़े । दैत्य दानव मानव से, कई-कई युद्ध लड़े ॥ ॥ ऊँ जै …

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अहोई माता आरती (Ahoi Mata Aarti)

अहोई माता आरती (Ahoi Mata Aarti) जय अहोई माता, जय अहोई माता । तुमको निसदिन ध्यावत, हर विष्णु विधाता ॥ ॐ जय अहोई माता ॥ ब्रह्माणी, रुद्राणी, कमला, तू ही है जगमाता । सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥ ॐ जय अहोई माता ॥ माता रूप निरंजन, सुख-सम्पत्ति दाता । जो कोई तुमको ध्यावत, नित …

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आरती श्री वृषभानुसुता – राधा आरती (Radha Aarti: Aarti Shri Vrashbhanusuta Ki)

आरती श्री वृषभानुसुता – राधा आरती (Radha Aarti: Aarti Shri Vrashbhanusuta Ki)   आरती श्री वृषभानुसुता की, मंजुल मूर्ति मोहन ममता की ॥ त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि, विमल विवेकविराग विकासिनि । पावन प्रभु पद प्रीति प्रकाशिनि, सुन्दरतम छवि सुन्दरता की ॥ ॥ आरती श्री वृषभानुसुता की..॥ मुनि मन मोहन मोहन मोहनि, मधुर मनोहर मूरति सोहनि …

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श्री सूर्य देव – जय जय रविदेव (Shri Surya Dev – Jai Jai Ravidev)

श्री सूर्य देव – जय जय रविदेव (Shri Surya Dev – Jai Jai Ravidev) जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव । रजनीपति मदहारी, शतलद जीवन दाता ॥ पटपद मन मदुकारी, हे दिनमण दाता । जग के हे रविदेव, जय जय जय स्वदेव ॥ नभ मंडल के वाणी, ज्योति प्रकाशक देवा । निजजन हित …

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