श्री सूर्य देव – ऊँ जय सूर्य भगवान (Shri Surya Dev Om Jai Surya Bhagwan)

श्री सूर्य देव – ऊँ जय सूर्य भगवान (Shri Surya Dev Om Jai Surya Bhagwan) ऊँ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान । जगत् के नेत्र स्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा । धरत सब ही तव ध्यान, ऊँ जय सूर्य भगवान ॥ ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान..॥ सारथी अरूण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी …

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श्री गायत्री माता आरती (Gayatri Mata Aarti)

श्री गायत्री माता आरती (Gayatri Mata Aarti)   जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता । सत् मारग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता ॥ ॥ जयति जय गायत्री माता..॥ आदि शक्ति तुम अलख निरंजन जगपालक क‌र्त्री । दु:ख शोक, भय, क्लेश कलश दारिद्र दैन्य हत्री ॥ ॥ जयति जय गायत्री माता..॥ ब्रह्म रूपिणी, …

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श्री नाथ जी की मंगल आरती – गोरखनाथ मठ (Shri Nathji Mangal Aarti – Gorakhnath Math)

श्री नाथ जी की मंगल आरती – गोरखनाथ मठ (Shri Nathji Mangal Aarti – Gorakhnath Math) जय गोरख योगी (श्री गुरु जी) हर हर गोरख योगी । वेद पुराण बखानत, ब्रह्मादिक सुरमानत, अटल भवन योगी । ऊँ जय गोरख योगी ॥ बाल जती ब्रह्मज्ञानी योग युक्ति पूरे (श्रीगुरुजी) योग युक्ति पूरे । सोहं शब्द निरन्तर …

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चन्द्र देव आरती (Chandra Dev Aarti)

चन्द्र देव आरती (Chandra Dev Aarti) ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा । दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी । रजत सिंहासन राजत, ज्योति तेरी न्यारी । दीन दयाल दयानिधि, भव बन्धन हारी । जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे । सकल मनोरथ दायक, निर्गुण सुखराशि । योगीजन हृदय में, तेरा ध्यान …

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पंच परमेष्ठी आरती (Panch Parmeshthi Aarti)

पंच परमेष्ठी आरती (Panch Parmeshthi Aarti)   इह विधि मंगल आरति कीजे, पंच परमपद भज सुख लीजे । इह विधि मंगल आरति कीजे, पंच परमपद भज सुख लीजे ॥ पहली आरति श्रीजिनराजा, भव दधि पार उतार जिहाजा । इह विधि मंगल आरति कीजे, पंच परमपद भज सुख लीजे ॥ दूसरी आरति सिद्धन केरी, सुमिरन करत …

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विन्ध्येश्वरी आरती: सुन मेरी देवी पर्वतवासनी (Sun Meri Devi Parvat Vasani)

विन्ध्येश्वरी आरती: सुन मेरी देवी पर्वतवासनी (Sun Meri Devi Parvat Vasani) सुन मेरी देवी पर्वतवासनी । कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥ पान सुपारी ध्वजा नारियल । ले तेरी भेंट चढ़ायो माँ ॥ सुन मेरी देवी पर्वतवासनी । कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥ सुवा चोली तेरी अंग विराजे । केसर तिलक लगाया …

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शीतला माता की आरती (Sheetla Mata Ki Aarti)

शीतला माता की आरती (Sheetla Mata Ki Aarti)   जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता । आदि ज्योति महारानी, सब फल की दाता ॥ ॐ जय शीतला माता..॥ रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भाता । ऋद्धि-सिद्धि चँवर ढुलावें, जगमग छवि छाता ॥ ॐ जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता । विष्णु सेवत ठाढ़े, …

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माँ कालरात्रि की आरती – कालरात्रि जय महाकाली (Mata Kalratri Ki Aarti)

माँ कालरात्रि की आरती – कालरात्रि जय महाकाली (Mata Kalratri Ki Aarti) कालरात्रि जय-जय-महाकाली । काल के मुह से बचाने वाली ॥ दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा । महाचंडी तेरा अवतार ॥ पृथ्वी और आकाश पे सारा । महाकाली है तेरा पसारा ॥ खडग खप्पर रखने वाली । दुष्टों का लहू चखने वाली ॥ कलकत्ता स्थान …

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