जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या रिश्तेदार हैं, उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।

जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या रिश्तेदार हैं, उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है । वो भी बाबा कहते हैं हम भी बाबा कहते हैं, वो भी सेवा करते हैं हम भी सेवा करते हैं । हम तो छोटे मोटे भिखारी वो क्या जागीरदार हैं, उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ॥ वो …

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पल पल याद सताए तेरी तुम बिन रहा ना जाए

मेरे प्रीतम प्यारे तेरी पल पल याद सताए पल पल याद सताए तेरी तुम बिन रहा ना जाए मेरी प्यासी अँखियाँ प्यारे बाट निहारे मन बीणा की तारें तुझको पुकारे बिन दर्शन के व्याकुल मनवा क्यों तुं देर लगाए छुप छुप रोऊँ तेरी बाट में सांवरिया एक बार आके ले लो मेरी खबरिया जाग उठी …

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भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए ओ मैया तेरे दरबार, में हां तेरे दीदार की मैं आऊंगा

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए ओ मैया तेरे दरबार, में हां तेरे दीदार की मैं आऊंगा कभी न फिर जाऊँगा… शेरावालिये नी माता ज्योता वालिए नी सच्चियाँ ज्योता वालिए, लाटा वालिए तेरे ही दर के हैं हम तो भिखारी, जाएं कहा यह दर छोड़ के, हां छोड़ के । तेरे ही संग बंधी भक्तो …

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प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि सादर भारत शीश धरी लीन्ही

प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि सादर भारत शीश धरी लीन्ही राम भक्त ले चला रे राम की निशानी, शीश पर खड़ाऊँ, अँखिओं में पानी । शीश खड़ाऊ ले चला ऐसे, राम सिया जी संग हो जैसे । अब इनकी छाव में रहेगी राजधानी, राम भक्त ले चला रे राम की निशानी ॥ पल छीन लागे …

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राजीव लोचन राम आज अपने घर आए । कण कण पुलकित, पुरजन हर्षित,

राजीव लोचन राम आज अपने घर आए । कण कण पुलकित, पुरजन हर्षित, राम लकहन सिया जान मन भाए ॥ नाचे किन्नर नाग बदूटी, बार बार कुसुमांजलि छूटी । हे जग पावन, मुनि मन भावन, असीसो भाजस बरनी न जाए ॥ राजीव लोचन राम आज अपने घर आए… नगर गाँव सब बजत बधाएं, नर नारीन …

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कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे,हम रोये ।

कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे,हम रोये । ऐसी करनी कर चलो, हम हँसे,जग रोये ॥ चदरिया झीनी रे झीनी राम नाम रस भीनी चदरिया झीनी रे झीनी अष्ट-कमल का चरखा बनाया, पांच तत्व की पूनी । नौ-दस मास बुनन को लागे, मूरख मैली किन्ही ॥ चदरिया झीनी रे झीनी… जब मोरी चादर बन …

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सागर से भी गहरा बन्दे गुरु देव का प्यार है

सागर से भी गहरा बन्दे गुरु देव का प्यार है देख लगाकर गोता इसमें तेरा बेडा पार है, सागर से भी… सागर से भी गहरा बन्दे गुरु देव का प्यार है भव सागर में इक दिन तेरी  जीवन नैया डूबेगी कहते कहते इक दिन तो पतवार भी तेरी टूटेगी जायेगा उस पार तो कैसे हर …

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मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ,

हे पावन परमेश्वर मेरे,मन ही मन शरमाऊँ । मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ, हे पावन परमेश्वर मेरे,मन ही मन शरमाऊँ । मैली चादर ओढ़ के कैसे… तूने मुझको जग में भेजा निर्मल देकर काया, आकर के संसार में मैंने इसको दाग लगाया । जनम जनम की मैली चादर,कैसे दाग छुड़ाऊं, मैली चादर …

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