फस गयो मकड़ी का झाला में भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
चलती चक्की देख के, दिया कबीरा रोये ।
दो पाटन के बीच में, साबुत बचा न कोए ।

थारो मनड़ो नहीं लागो ,
दादा माला में।
फस गयो माकड़ी का झाला में।

खोटो खावे ने खोटो पेरे ,
बीरा लागो लोभ का छाळा में।
फस गयो माकड़ी का झाला में। टेर। ….

भाई भतीजा कमरा में रोवे ,
बीरा नुत जिमावे सगा साला ने।
फस गयो माकड़ी का झाला में। टेर। ….

घर की तिरिया खारी लागे ,
बीरा लागो पर नारी का छाळा में।
फस गयो माकड़ी का झाला में। टेर। ….

कहेत कबीर सुणो भाई साधु ,
हरी भजन ने कंठ लगावा।
बीरा फेरो हरी की माला ने।
फस गयो माकड़ी का झाला में। टेर। ….

मारवाड़ी चेतावनी भजन लिरिक्स
भजन :- फस गयो माकड़ी का जाला में
गायक :- भैरू पुरी सोपुरा
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bheru puri sopura ke bhajan

fas gayo makdi ka jhala me chetawani bhajan lyrics in English

tharo mando nhi lago,
dada mala me.
fas gayo makadi ka jhala me.

khoto khave ne khoto pere,
bira lago lobh ka chhala me.
fas gayo makadi ka jhala me.

bhai bhatija kamara me rove,
bira nut jimave saga sala ne.
fas gayo makadi ka jhala me.

ghar ki tiriya khari lage,
bira lago par nari ka chhala me.
fas gayo makadi ka jhala me.

kahet kabir suno bhai sadhu,
hari bhajan ne kanth lagava.
bira fero hari ki mala ne.
fas gayo makadi ka jhala me.

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