आवोनी पधारो मारे आंगणिये खेतेश्वर भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
धिन धरती आसोतरा , धिन धिन ब्रह्मा समाज।
धिन खेतेश्वर बापजी ,सरो सब रा काज।

आवो नी पधारो ,
मारे आंगणिये खेतेश्वर।
मात पिता हो दाता थे ही गुरुवर ,
मारा प्यारा ओ परमेश्वर।

उग्या सु आथमता दाता ,
खेतेश्वर ने टेरता।
सुतोडा सपना में बाबा ,
खेतेश्वर ने देखता।
प्रेम रा प्याला पाया भर भर कर ,
मारा प्यारा ओ परमेश्वर।
आवो नी पधारो ,
मारे आंगणिये खेतेश्वर। टेर।

जठे देखु उठे नजर ,
खेतेश्वर आवता।
घर घर में और गली गली में ,
भजना में गावता।
पार लगावो माने भवसागर ,
मारा प्यारा ओ परमेश्वर।
आवो नी पधारो ,
मारे आंगणिये खेतेश्वर। टेर।

प्रेम सु परोसु थाने ,
भाव रा भोजनिया।
खेतेश्वर दाता आया ,
भगता रे आंगनिया।
फूलड़ा बिछावा में तो डगर डगर ,
मारा प्यारा ओ परमेश्वर।
आवो नी पधारो ,
मारे आंगणिये खेतेश्वर। टेर।

हेत रे हालरिये ,
हुलरावा गुरुदेव ने।
प्रेम रे पालणिये ,
झुलावा गुरुदेव ने।
गुण तो गावा दाता सारी उमर ,
मारा प्यारा ओ परमेश्वर।
आवो नी पधारो ,
मारे आंगणिये खेतेश्वर। टेर।

मन में बसिया ओ मारा ,
जोगी अलबेला।
खेतेश्वर गुरु में तो ,
बनिया थारा चेला।
दास गोपाल कहे बाबा ने सुमर ,
मारा प्यारा ओ परमेश्वर।
आवो नी पधारो ,
मारे आंगणिये खेतेश्वर। टेर।

kheteshwar guru ji ke bhajan Music video Song

आवोनी पधारो मारे आंगणिये खेतेश्वर भजन लिरिक्स, aavo ni padharo mhare aanganiye kheteshwar bhajan lyrics
खेतेश्वर महाराज का भजन मारवाड़ी
मारे आंगणिये खेतेश्वर
भजन :- पधारो मारे आंगणिये खेतेश्वर
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