चदरिया झीनी रे झीनी भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
राम किसी को मारे नहीं , और नहीं है पापी राम।
अपने आप मर जावसी , कर कर खोटा काम।

चदरिया झीनी रे झीनी ,
चदरिया झीनी रे झीनी ।
राम नाम रस भीनी ,
चदरिया झीनी रे झीनी ॥

अष्ट कमल का चरखा बनाया ,
पाँच तत्व की पूनी ।
नौ दस मास बुनन को लागे ,
मूरख मैली कीनी चदरिया ,
झीनी रे झीनी ॥

जब मोरी चादर बन घर आई ,
रंगरेज को दीनी ।
ऐसा रंगरंगा रंगरेज ने ,
लालो लाल कर दीनी चदरिया ,
झीनी रे झीनी ॥

चादर ओढ़ शंका मत करियो ,
ये दो दिन तुमको दीनी ।
मूरख लोग भेद नहीं जाने ,
दिन दिन मैली कीनी चदरिया ,
झीनी रे झीनी ॥

धुव्र प्रहलाद सुदामा ने ओढ़ी ,
शुकदेव ने निर्मल कीनी ।
दास कबीर ने ऐसी ओढ़ी ,
ज्यों की त्योंधर दीनी चदरिया ,
झीनी रे झीनी ॥

anup jalota bhajan Video

चदरिया झीनी रे झीनी chadariya jini re jini lyrics, hindi bhajan with lyrics,anup jalota bhajan, bhajan lyircs,
भजन :- चदरिया झीनी रे झीनी
गायक :- अनूप जलोटा

Leave a Reply