तू मेरे सामने है मैं तेरे रूबरू भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
या छवि पै रसखान अब वारौं कोटि मनोज।
जाकी उपमा कविन नहि पाई रहे कहुं खोज।

तू मेरे रूबरू मैं तेरे रूबरू,
रहमतों का निशाँ और क्या चाहिए।
तू कहे कुछ मुझे मैं कहूं कुछ तुझे,
और कुछ भी न इसके सिवा चाहिए।
तू मेरे रूबरू मैं तेरे रूबरू।

चंद पल हमको देदे दीदार के।
ख़तम कर दे ये दिन इंतजार के।
सब ये परदे हटा सामने आ ज़रा।
अब तू ज़िद ही समझ या समझ प्रार्थना।
दर्द ए दिल को तुझी से दवा चाहिए।
तू मेरे रूबरू ….

इश्क़ या या जुनूं है या बन्दग़ी।
नाम लिख दी तेरे अपनी ज़िन्दगी।
अब है बारी तेरी लाज़ रखना मेरी।
हँस ना दे ये जहां मेरे हालात पे,
गौर करना तुझे भी ज़रा चाहिए।
तू मेरे रूबरू ….

कब ये माँगा क सारा जहाँन दे।
माँगा हैं ये बस थोड़ा ध्यान दे।
ये हँसी पल ना हो आज है कल ना हो।
ना बहाने बना और साहिल से तू,
अब तो सजदों का मिलना सिला चाहिए।

तू मेरे रूबरू मैं तेरे रूबरू,
रहमतों का निशाँ और क्या चाहिए।
तू कहे कुछ मुझे मैं कहूं कुछ तुझे,
और कुछ भी न इसके सिवा चाहिए।
तू मेरे रूबरू मैं तेरे रूबरू।

shilpi kaushik ke bhajan video

तू मेरे सामने है मैं तेरे रूबरू tu mere rubaru main tere rubaru krishna hindi bhajan with lyrics
कृष्ण भजन लिरिक्स इन हिंदी
भजन :- तू मेरे रूबरू मैं तेरे रूबरू
गायिका :- शिल्पी कौशिक

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