दो वरदान मुझे भक्ति का जागो शंकर बम लहरी भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
शंकर भोले नाथ है , जग के पालनहार।
अपने भक्तो का सदा , करते है उद्धार।

दो वरदान मुझे भक्ती का ,
जागो शंकर बम लहरी ।
अन्न धन का भंडार खोल दो ,
सेवा करा मालिक थारी ।

अंग भभूती ललाट चंद्रमा ,
मुण्डीयन की माला पहरी।
बासुक नाग गले में टूले ,
शीश जटा गंगा बह रही।
दो वरदान ….

गांजा सुल्फा भाँग धतूरा ,
नशा करे शंकर जहरी।
अमल तम्बाकू भाँग छूतरा ,
प्याय रही गौरां प्यारी।
दो वरदान ….

भक्ती से वरदान ले लियो ,
तपस्या जाय करी गहरी।
भस्मी कड़ो दियो दाने में ,
शिव के गेल हुयो बैरी।
दो वरदान ….

आगे शंकर लेर दानो ,
देण लग्या खण्ड में फेरी।
गिरिजा रूप धरयो विष्णू ने ,
दाने की करदी ढेरी।
दो वरदान ….

दस शीश रावण के बकश्या ,
बीस भूजा हस्ती गहरी।
विजय का वरदान पायके ,
राम परणी सीता हरी।
दो वरदान ….

काशी चेला शिव शंकर का ,
पार करो इनकी फेरी।
पलक उघाड़ो अन्तर यामी ,
सुमरण का पासा गेरी।
दो वरदान ….

झिलल झिलल वालो कूम्हलावे ,
आवन की मत कर देरी।
रामजी लाल बिड्द बखाणे ,
सुण भोला करुणा मेरी।
दो वरदान ….

navratan giri ji maharaj ke bhajan video

दो वरदान मुझे भक्ति का जागो शंकर बम लहरी do vardan mujhe bhakti ka bholenath ji ke bhajan
भोलेनाथ जी के भजन लिरिक्स इन हिंदी
भजन :- दयो वरदान मुझे भक्ती का
गायक :- नवरतन गिरि महाराज

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