भजमन राम चरण सुखदाई भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
कलयुग केवल नाम अधारा।
सुमिर सुमिर नर उतरे पारा।

भजमन रामचरण सुखदाई।
रामचरण सुखदाई ,
भजमन रामचरण सुखदाई।

जिन चरणन निकरी सुरसरि ,
शंकर जटा समाई।
जटा शंकरी नाम पड़ो है ,
त्रिभुवन तारण आई।
भजमन। …

जिन चरणन की चरण पादुका ,
भरत रहे मन लाई।
सोई चरण केवट धोई लिनु ,
तब हरि नाव चढ़ाई।
भजमन। …

बन दण्डक सब पावन कीन्हा ,
ऋषिन की त्रास मिटाई।
जे ठाकुर तिहु लोक के नायक ,
कपट मृगा संग धाई।
भजमन। …

कपि सुग्रीव अनुज भय व्याकुल ,
चारु दिशा चक्र घुमाई।
रिप को अनुज विभीषण निशिचर ,
परसति लंका पाई।
भजमन। …

सौ योजन मरजाद सिंधु की,
जात बार ना लाई।
तुलसीदास मरुत सूत महिमा ,
हरि अपने मुख गाई।
भजमन। …

प्रेम प्रकाश दुबे के भजन | prem prakash dubey bhajan video

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भजन :- भजमन रामचरण सुखदाई
गायक :- प्रेम प्रकाश दुबे

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