मोर मुकुट मुरली वाले ने भजन लिरिक्स | mor mukut murli wale ne bhajan lyrics

मोर मुकुट मुरी वाले ने ,
जगत रचा दिया सारा
मात पिता है जनम देणीया ,
करम भाग सब न्यारा।

हिरणी के एक बच्चा जनमे ,
हाथ पकङ थण देव हे।
अजगर पड़ी उजाङ बिच में ,
कीङी ने कण देवे हे।
बीना रे पंख गज आठ खावे ,
हाथी ने मण देव हे।
हंसो को मोती देता प्रभु ,
ेरा ने बण देवे हे।
देने वाला देता है सब ,
लीख्या रे करम का पाया।
मात पिता है जनम देणीया ,
करम भाग सब न्यारा।
मोर मुकुट …..

कीसी के महल गाड़ी है ,
नीचे तो बीसत्र लगारया।
कीसी के नारी दो दो है ,
कोई हाथ रसोई पका रीया ।
कीसी के जोटी दस दुजे ,
कोई छाछ मागणे जार्या ।
कीसी के बकरी एक ब्यावे ,
उसका भरे रे कटोरा ।
दुजे का कोई कसूर नही है ,
बंधा करम का पार्या ।
मात पिता है जनम देणीया ,
करम भाग सब न्यारा।
मोर मुकुट …..

चांद के चाल चकोर चाले है ,
वो चुग चुग बतंगा खावे है।
मंमीरन को मीसरी भी वो ,
टेम टेम पे खावे है।
शाम चिड़ी जंगल मे रहती ,
नीत करे सेरत खावे है।
सुथा रे शेर के मुख के अंदर ,
मास फाङ कर ल्यावे है।
साथ द्वीप नवखंड बीच मे ,
ईतना रे जगत फसार्या है।
मात पिता है जनम देणीया ,
करम भाग सब न्यारा।
मोर मुकुट …..

एक पीता के चार पुत्र,
चारा री किस्मत न्यारी ।
ऐक बण्या है हाकम जिसका ,
हुकम चले सरकारी ।
ऐक बण्या है बाबाजी ,
ऐक बण्या है भीखारी।
तरह – तरह के फूल खिले है ,
खुशबु न्यारी न्यारी ।
मोजी राम कहे इस दुनिया में ,
बंध्या रे करम का पार्या ।
मात पिता है जनम देणीया ,
करम भाग सब न्यारा।

सांवरमल सैनी के भजन | sanwarmal saini ke bhajan Music Video song

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भजन :- मोर मुकुट मुरली वाले ने
गायक :- सांवरमल सैनी

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