रे मन हरि सुमिरन कर लीजिए भजन लिरिक्स

रे मन हरि सुमिरन करि ीजे

हरि को नाम प्रेमसों जपिये,
हरि रस रसना पीजै ।
हरि गुन गाइय, सुनिये निरंतर,
हरि-चरनन चित दीजै।
रे मन हरि सुमिरन करि लीजे।

हरि-भगतन की सरन ग्रहन करि,
हरि सँग प्रीत करीजै ।
हरि-सम हरि जन समुझि मनहिं मन ,
तिनकौ सेवन कीजै।
रे मन हरि सुमिरन करि लीजे।

हरि केहि बिधिसों हमसों रीझै,
सो ही प्र्न करीजै ।
हरि-जन हरिमारग पहिचानै,
अनुमति देहिं सो कीजै।
रे मन हरि सुमिरन करि लीजे।

हरि हित खाइये, पहिरिये हरिहित,
हरिहित करम करीजै ।
हरि-हित हरि-सन सब जग सेइय,
हरिहित मरिये जीजै।
रे मन हरि सुमिरन करि लीजे।

anup jalota ke bhajan lyrics video

https://www.youtube.com/watch?v=P5YUAQLCyXA

रे मन हरि सुमिरन कर लीजिए Re Man Hari Sumiran Kar Lejiye hindi bhajan lyrics in hindi
हिंदी भजन संग्रह लिरिक्स
भजन :- हरि सुमिरन करि लीजे
गायक :- अनूप जलोटा

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