श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल जाए लिरिक्स

।। दोहा ।।
पर्वत जैसी पीर है ,ह्रदय बहुत अकुलाय।
राधा राधा जपत है ,विरही मन मुरझाय।

श्यामा तेरे चरणों की ,
गर धूल जो मिल जाए।
सच कहता हूँ मेरी ,
तकदीर बदल जाए।

सुनता हु तेरी रहमत ,
दिन रात बरसती है।
एक बूँद जो मिल जाए,
मन की कली खिल जाए।
श्यामा तेरे चरणों की ,
गर धूल जो मिल जाए।

यह मन बड़ा चंचल है ,
कैसे तेरा भजन करूँ।
जितना इसे समझाऊं,
उतना ही मचल जाए।
श्यामा तेरे चरणों की ,
गर धूल जो मिल जाए।

नजरो से गिराना नाही ,
चाहे जो भी सजा देना।
नजरो से जो घिर जाए,
मुश्किल ही संभल पाए।
श्यामा तेरे चरणों की ,
गर धूल जो मिल जाए।

श्यामा इस जीवन की ,
बस एक तम्मना है।
तुम सामने हो मेरे ,
मेरा दम ही निकल जाए।
श्यामा तेरे चरणों की ,
गर धूल जो मिल जाए।

संजय मित्तल भजन लिरिक्स with music video song

श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल जाए लिरिक्स shyama tere charno ki shri krishna bhajan lyrics in hindi
कृष्ण भजन संग्रह लिरिक्स
भजन :- श्यामा तेरे चरणों की
गायक:- संजय मित्तल

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