सावन में कृष्ण मुरार झूला झूले कदम की डार लिरिक्स

सावन में कृष्ण मुरार,
झूला झूले कदम की डार,
कोयल कूके कूके गाए मल्हार,
सावन मे कृष्ण मुरार,
झूला झूले कदम की डार।।

राधा के संग श्याम बिहारी,
झोटा देवे सखियां सारी,
युगल छवि पर जाऊं मैं बलिहारी,
सावन मे कृष्ण मुरार,
झूला झूले कदम की डार।।

झूलन की ये रुत मतवाली,
झूम रही है डाली डाली,
कुक रही देखो कोयल काली,
सावन मे कृष्ण मुरार,
झूला झूले कदम की डार।।

तन मन भीगे बरसे पानी,
पुलकित हो गई राधे रानी,
‘हर्ष’ प्रभु की लीला जाये ना बखानी,
सावन मे कृष्ण मुरार,
झूला झूले कदम की डार।।

सावन में कृष्ण मुरार,
झूला झूले कदम की डार,
कोयल कूके कूके गाए मल्हार,
सावन मे कृष्ण मुरार,
झूला झूले कदम की डार।।

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