श्री राम भगत बजरंगी तेरे खेल है अजब निराले भजन लिरिक्स
श्री राम भगत बजरंगीतेरे खेल है अजब निरालेप्रभु की सेवा में तुमनेकितने ही काज सांवरे।। सागर तत पर बैठे वानरभालू सब घबराकरमाग छलंग गए लंका मेंलंका आप जलाकरसीता का सन्देश लक्कररघुवर को सुनाने वाले।। श्री राम भगत बजरंगीतेरे कर्तब है अजब निरालेश्री राम भगत बजरंगीतेरे कहल है अजब निराले।। हुआ ना होगा इनके जैसाकोई राम …