बजरंग बलि मेरे दाता तेरे द्वार पे जो भी आता
बजरंग बलि मेरे दाता तेरे द्वार पे जो भी आता,उसकी नैया फिर तू ही संभाले भव सागर से पार लगाता,बजरंग बलि मेरे दाता तेरे द्वार पे जो भी आता।। कहलाता है अंजनी पुत्र तू अमंगल को मंगल करता है,भुत प्रेत फिर निकट ना आवे नाम तेरा जो गाता है ,बजरंग बलि मेरे दाता तेरे द्वार …