बालाजी की शरण तू आजा हर दम मौज उड़ाएगा
बालाजी की शरण तू आजा हर दम मौज उड़ाएगा,राम नाम का का जाप तू करके झूम झूम कर गायेगा,महिमा मेरे बाबा की क्या रे तू सबको बतलायेगा,बालाजी की शरण तू आजा।। महेंदीपुर दरबार निराला ऐसा तो दरबार नहीं,लाखो भगतो को है देखा हमने होते वहां पे सही,होगी दूर तेरी भी बाधा दर इनके तू जो …