बतादो हनुमान कैसे लंका जली मेहंदीपुर बालाजी सॉंग
मेहंदीपुर बालाजी सॉंगतेरी गर्जना से मची खलबलीबतादो हनुमान कैसे लंका जली ।। तेरी गर्जना से मची खलबलीबतादो हनुमान कैसे लंका जली चला मैं निशानी ले प्रभु राम कीजहा बैठी थी मेरी माँ जानकी दिखाई जो मुंदरी जो व्याकुल हुएहुए उनको चिंता मेरी जान की।। असुरो से भारी है लंका की गलीबता दो हनुमान कैसे लंका …