मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना । तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया ठिकाना ॥
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना । तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया ठिकाना ॥ मुझे कौन जानता था तेरी बंदगी से पहले । तेरी याद ने बना दी मेरी ज़िन्दगी फ़साना ॥ मुझे इसका गम नहीं है की बदल गया ज़माना । मेरी ज़िन्दगी के मालिक कहीं तुम बदल …