आओगे कुटिया में मेरी कुटिया में ही रह जाओगे

देखते रह जाओगे देखते रह जाओगे आओगे कुटिया में मेरी कुटिया में ही रह जाओगे श्याम तेरा मंदिर संगमरमर का की घर मेरा है सस्ते पत्थर का हर पत्थर में प्यार समाया कहाँ पे दिल को लगाओगे देखते रह जाओगे देखते रह जाओगे श्याम तेरा लकड़ी का दरवाजा हमारे घर है दिल का दरवाज़ा उससे …

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कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे प्यारा ।

ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला, कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे प्यारा । ज़री की पगड़ी बाँधे… कानों में कुण्डल साजे, सिर मोर मुकुट विराजे, सखियाँ पगली होती, जब – जब होठों पे बंशी बाजे । हैं चंदा यह सांवरा, तारे हैं ग्वाल बाला, कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे प्यारा ॥ लट …

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कबीरा सोया क्या करे ? बैठा रहू अरु जाग जिनके संग ते बिछलों वाही ते संग लाग

कबीरा सोया क्या करे ? बैठा रहू अरु जाग जिनके संग ते बिछलों वाही ते संग लाग ज्यों तिल माही तेल है ज्यों चकमक में आग तेरा साईं तुझ में, जाग सके तो जाग माला फेरत जुग भया, मिटा न मन का फेर कर का मनका छोड़ दे, मन का मनका फेर माला तो कर …

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जादूगर पे जादू डारा हमारी राधा रानी ने राधा रानी ने, राधा रानी ने

जादूगर पे जादू डारा हमारी राधा रानी ने राधा रानी ने, राधा रानी ने या छलिया को छल डारा, हमारी राधा रानी ने राधा छवि हिए लिए झूमे प्रेम मगन मस्ती में घूमे ऐसो दीवाना कर डारा, हमारी राधा रानी ने भूल गयो सारी चतुराई, बिन राधा कछु दे न सुहाई ऐसा मन में प्रेम …

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ਦੁੱਦਾਧਾਰੀਆ ਧੂਣਾ ਲਗਾਇਆ ਪਿਪਲਾਂ ਹੇਠ

dudhadhaariya dhoona lagaya pipla heth (baaba baalak naath ji) ਦੁੱਦਾਧਾਰੀਆ ਧੂਣਾ ਲਗਾਇਆ ਪਿਪਲਾਂ ਹੇਠ ਪੌਣਾਹਾਰੀਆ ਧੂਣਾ ਲਗਾਇਆ ਪਿਪਲਾਂ ਹੇਠ ਜਾਟਾਧਾਰੀਆ ਧੂਣਾ ਲਗਾਇਆ ਪਿਪਲਾਂ ਹੇਠ ਰਤਨੋ ਮਾਈ ਦੀਆਂ ਗਉਆ ਚਰਾਈਆ, ਗੁਜਰਾ ਦੇ ਜਾੜੇ ਸਾਰੇ ਖੇਤ ਬਾਲ ਤਾ ਹੁੰਦੇ ਬਾਬਾ ਸਿੱਧ ਨੂੰ ਪਿਆਰੇ, ਖੇਲਦੇ ਰੇਹਂਦੇ ਬਾਲੂ ਰੇਤ ਮੰਡਲੀ ਦੇ ਨਾਲ ਗੁਰੂ ਗੋਰਖ ਪਧਾਰੇ, ਮੁੰਦਰਾ ਪਾਨੀਆ ਕੰਨਾ ਛੇਦ …

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तनधन बाबा के सागे आज्यो माँ नारायणी कद स्यूं टाबरिया थारी बाट निहारे है

तनधन बाबा के सागे आज्यो माँ नारायणी कद स्यूं टाबरिया थारी बाट निहारे है थांसू अरज गुजारे है पधारो माँ नारायणी… तनधन बाबा के सागे आज्यो माँ नारायणी आया सपरिवार आज म्हे दादी आस बंधा जाओ तनधन बाबा के सागे म्हारी कुटिया में आ जाओ आओ जी आओ कुल को मान बढ़ाओ जी गठजोड़े से …

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बाला मैं बैरागन हूंगी – २ जिन भेषा मेरो साहब रीझे

बाला मैं बैरागन हूंगी – २ जिन भेषा मेरो साहब रीझे सोहि भेष धरूंगी बाला मैं बैरागन हूंगी कहो तो कुसुमल साड़ी रंगावा कहो तो भगवा भेष कहो तो मोतियन मांग भरावा कहो छिटकावा केश बाला मैं बैरागन हूंगी प्राण हमारा वह बसत है यहाँ तो खाली खोड़ मात पिता परिवार सहूँ है कही ये …

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सुबह शाम आठो याम यहीं नाम लिए जा खुश होंगे हनुमान राम राम किए जा

सुबह शाम आठो याम यहीं नाम लिए जा खुश होंगे हनुमान राम राम किए जा लिखा था राम नाम वो, पथ्थर भी तर गए किए राम से जो बैर, जीते जी वो मर गए बस नाम का रसपान, ए इंसान किए जा खुश होंगे हनुमान राम राम किए जा राम नाम की धुन पे नाचे …

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