हम भी चले आये हैं कान्हा तेरे गाँव में तु रखना लेने मुझको चरणों की छाँव में
हम भी चले आये हैं कान्हा तेरे गाँव में तु रखना लेने मुझको चरणों की छाँव में बस इतनी अर्जी तुम मेरी स्वीकार कर लेना गोदी में बीठा साँवरिया थोड़ा प्यार कर लेना तुम जग के दाता हो मेरे भाग्य विधाता हो तुम सब पर कृपा करो जो तुम्हें मनाता हो मैं तेरी शरण आया …