हम भी चले आये हैं कान्हा तेरे गाँव में तु रखना लेने मुझको चरणों की छाँव में

हम भी चले आये हैं कान्हा तेरे गाँव में तु रखना लेने मुझको चरणों की छाँव में बस इतनी अर्जी तुम मेरी स्वीकार कर लेना गोदी में बीठा साँवरिया थोड़ा प्यार कर लेना तुम जग के दाता हो मेरे भाग्य विधाता हो तुम सब पर कृपा करो जो तुम्हें मनाता हो मैं तेरी शरण आया …

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महाकाली आरी रे, ओ काली केश विकराल, हाथ में कटारी रे ओ डट रे संकट थोड़ी देर,

महाकाली आरी रे, ओ काली केश विकराल, हाथ में कटारी रे ओ डट रे संकट थोड़ी देर, महाकाली आरी रे… जब तक माँ मेरे साथ में तू कुछ न बिगाड़ पायेगा, मेरे पीछे जोर जमावे उसके आगे हार जायेगा, खप्पर धारी रे डट रे संकट… जो शक्ति से अनजान तू , थने महिमा आज बताऊ …

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श्याम आया रे घनश्याम आया रे… झुला झुलो री राधा रानी झुलाने तेरा श्याम आया रे ।

श्याम आया रे घनश्याम आया रे… झुला झुलो री राधा रानी झुलाने तेरा श्याम आया रे । श्याम आया श्याम आया श्याम आया रे ॥ सावन की बरसे है रिमझिम बदरिया, रिमझिम बदरिया रिमझिम बदरिया । तेरी चुनरिया भिगोने ओ राधे तेरा श्याम आया रे ॥ श्याम आया श्याम आया श्याम आया रे, झुला झुलो …

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मीरा दीवानी हो गयी रे, मीरा दीवानी हो गयी । मीरा मस्तानी हो गयी रे, मीरा मस्तानी हो गयी ॥

मीरा दीवानी हो गयी रे, मीरा दीवानी हो गयी । मीरा मस्तानी हो गयी रे, मीरा मस्तानी हो गयी ॥ शयम रंग में रंगी चुनरिया, हो हो हो हो… मीरा दीवानी हो गयी रे, मीरा मस्तानी हो गयी… राणा की राजधानी छोड़ी लोक लाज सब छोड़ी, रंग के श्याम रंग में चुनर मीरा जी ने …

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ओ गिरिधर, ओ काहना, ओ ग्वाला, नंदलाला, मेरे मोहन, मेरे काहना, तू आ ना, तरसा ना ।

ओ गिरिधर, ओ काहना, ओ ग्वाला, नंदलाला, मेरे मोहन, मेरे काहना, तू आ ना, तरसा ना । काली कमली वाला मेरा यार है, मेरे मन का मोहन तू दिलदार है । तू मेरा यार है, मेरा दिलदार है ॥ मन मोहन मैं तेरा दीवाना, गाउँ बस अब यही तराना । श्याम सलोने तू मेरा रिजवार …

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इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से निकले

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले – २ गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से निकले श्री गंगा जी का तट हो, यमुना का वंशीवट हो मेरा सांवरा निकट हो जब प्राण तन से निकले इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले पीताम्बरी कसी हो छवि मन में यह बसी …

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राम को देख कर के जनक नंदिनी, बाग़ में वो खड़ी की खड़ी रह गयी ।

राम को देख कर के जनक नंदिनी, बाग़ में वो खड़ी की खड़ी रह गयी । राम देखे सिया को सिया राम को, चारो अँखिआ लड़ी की लड़ी रह गयी ॥ यज्ञ रक्षा में जा कर के मुनिवर के संग, ले धनुष दानवो को लगे काटने । एक ही बाण में ताड़का राक्षसी, गिर जमी …

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अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है

अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है थोड़ी सी रहत हो पूरी ये चाहत हो, सपने में बात करूँ इतनी सी इजाजत हो अँखियों की खिड़की को भी हम टटोल के सोते है अपने दिल …

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