नीली निम्बड़ी रे जिका जरमरिया सा पान भजन लिरिक्स

नीली लिम्बडी रे ,
जिणरा झरमरिया सा पान।
झरमरिया सा पान जिणरा ,
हरिया हरिया पान।

मोहन पांवणो रे ,
म्हारे घर जीमण बेगो आय।
में तो जिमसु रे ,
म्हारी राधा के घर जाय।
राधा के घर जाय ,
प्यारी राधा के घर जाय।
नीली लिम्बडी रे ,
जिणरा झरमरिया सा पान।

ऐ किशन पांवणो रे ,
म्हारे घर नहावण बेगो आय।
में तो नहावसु रे ,
म्हारी राधा के घर जाय।
नीली लिम्बडी रे ,
जिणरा झरमरिया सा पान।

मोहन पांवणो रे ,
म्हारे घर पोढण बेगो आय।
में तो पोढसु रे ,
प्यारी राधा के घर जाय।
नीली लिम्बडी रे ,
जिणरा झरमरिया सा पान।

किशनजी पांवणो रे ,
म्हारे घर झूलण बेगो आय।
में तो झुलसू रे ,
म्हारी राधा के घर जाय।
नीली लिम्बडी रे ,
जिणरा झरमरिया सा पान।

किशन जी आवजो रे ,
थारी चंद्रसखी बिलखाय।
उडीकू अकेली ओ ,
म्हाने दीजो दर्श दिखाय।
नीली लिम्बडी रे ,
जिणरा झरमरिया सा पान।

bhagwat suthar ke bhajan,

नीली निम्बड़ी रे जिका जरमरिया सा पान भजन लिरिक्स neeli limbadi re chandra sakhi ke bhajan hindi lyrics
चंद्र सखी के भजन लिरिक्स नीली निम्बड़ी रे ,
भजन :- नीली निम्बड़ी रे,
गायक :- भगवत सुथार,

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