Title- तू चंदा मैं चांदनी, तू तरुवर मैं शाख रे
Movie/Album- रेशमा और शेरा -1971
Music By- जयदेव
Lyrics – बालकवि बैरागी
Singer(s)- लता मंगेशकर

तू चंदा मैं चांदनी, तू तरुवर मैं शाख रे
तू बादल मैं बिजुरी, तू पंछी मैं पात रे

ना सरोवर, ना बावड़ी, ना कोई ठंडी छांव
ना कोयल, ना पपीहरा, ऐसा मेरा गांव रे
कहाँ बुझे तन की तपन, ओ सैयां सिरमोड़
चंद्र-किरन को छोड़ कर, जाए कहाँ चकोर
जाग उठी है सांवरे, मेरी कुँवारी प्यास रे
-पिया अंगारे भी लगने लगे, आज मुझे मधुमास रे

तुझे आंचल मैं रखूँगी ओ सांवरे
काली अलकों से बाँधूँगी ये पांव रे
गल बैयाँ वो डालूं की छूटे नहीं
तेरा सपना साजन अब टूटे नहीं
मेंहदी रची हथेलियाँ, मेरे काजर-वारे नैन रे
-पिया पल पल तुझे पुकारते, हो हो कर बेचैन रे

ओ मेरे सावन साजन, ओ मेरे सिंदूर
साजन संग सजनी बनी, मौसम संग मयूर
चार पहर की चांदनी, मेरे संग बिता
अपने हाथों से पिया मोहे लाल चुनर उढ़ा
केसरिया धरती लगे, अम्बर लालम-लाल रे
अंग लगा कर साहेबा रे, कर दे मुझे निहाल रे
तू चंदा मैं चांदनी…

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