गुरुदेव दया करके भजन लिरिक्स

॥ दोहा ॥
गुरु गोविन्द दोनों खड़े , काके लागू पाय ।
बलिहारी गुरुदेव की , गोविन्द दियो मिलाय ॥

गुरुदेव दया करके ,
मुझको अपना लेना ।
मैं शरण पड़ा तेरी ,
चरणों में जगह देना ।

करूणा निधि नाम तेरा ,
करूणा दिखलाओ तुम ।
सोए हुए भागों को ,
हे नाथ जगाओ तुम ।
मेरी नाव भंवर डूबे ,
इसे पार लगा देना ।
गुरुदेव दया। ……

तुमसुख के सागर हो ,
निर्धन के सहारे हो ।
इस तन में समाये हो ,
मुझे प्राणों से प्यारे हो ।
नित मालाजपूंतेरी ,
दिल सेनभुला देना ।
गुरुदेव दया। ……

पापीया कपटी हूँ ,
जैसा भी हूँ तेरा हूँ ।
घर – बार छोड़कर मैं ,
जीवन से अकेला हूँ ।
मैं दुःख का मारा हूँ ,
मेरे दुःखड़े मिटा देना
गुरुदेव दया। ……

मैं सबका सेवक हूँ ,
तेरे चरणों का चेला हूँ ।
हे नाथभुला ना मुझे ,
इस जग में अकेला हूँ ।
तेरे दर का भिखारी हूँ ,
मेरे दोष मिटा देना ।
गुरुदेव दया। ……

गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना. gurudev daya karke .gurudev daya karke mujhko apna lena guru dev daya karke

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