चार पेड़ा रो रथड़ो बणायो भजन लिरिक्स

चार पेड़ा रो रथड़ो बणायो भजन लिरिक्स
, Char Peda ro Rathdo Banayo Bhajan Lyrics, श्री कृष्णा भजन लिरिक्स

चार पेड़ा रो रथड़ो बणायो भजन लिरिक्स

चार पेड़ा रो रथडो बणायो ,
रथड़ा रा पय्या निकल जासी।
धीरे धीरे हाको थारा रथड़ा ने।
गोकुल रा वासी रे मथुरा रा वासी,
धीरे धीरे हाको थारा रथड़ा ने।

माथा री चुनड़ उड़ उड़ जावे,
गजरा रो फूल बिखर जासी।
धीरे धीरे हाको थारा रथड़ा ने। टेर

माथा री रकड़ी खुल खुल जावे,
नथड़ी रा नगीना निकल जासी।
धीरे धीरे हाको थारा रथड़ा ने। टेर।

काना रा कुंडल खुल खुल जावे,
पगलिया रा झांझर मारा खुल जासी।
धीरे धीरे हाको थारा रथड़ा ने। टेर।

हाथा रा चुड़ला उड़ उड़ जावे ,
चुड़ला रा मोती बिखर जासी।
धीरे धीरे हाको थारा रथड़ा ने। टेर।

श्याम सुन्दर मारो केणो नहीं माने ,
मनड़ा रा मोती बिखर जासी।
धीरे धीरे हाको थारा रथड़ा ने। टेर।

राधारुक्मन जी केणो मारो मानो,
अरे मायरा री टेम निकल जासी।
धीरे धीरे हाको थारा रथड़ा ने। टेर।

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Shri Krishna Hindi Bhajan Lyrics

Char Peda ro Rathdo Banayo

Char peda ro rathdo banayo,
rathda ra payya nikal jasi.
dhire dhire hako thara rathda ne.
gokul ra vasi re mathura ra vasi,
dhire dhire hako thara rathda ne.

matha ri chunad ud ud jave,
gajra ro ful bikhar jasi.
dhire dhire hako thara rathda ne.

matha ri rakadi khul khul jave,
nathadi ra nagina nikal jasi.
dhire dhire hako thara rathda ne.

kana ra kundal khul khul jave,
pagaliya ra jhanjhar mara khul jasi.
dhire dhire hako thara rathda ne.

hatha ra chudala ud ud jave,
chudala ra moti bikhar jasi.
dhire dhire hako thara rathda ne.

shyam sundar maro keno nhi mane,
manada ra moti bikhar jasi.
dhire dhire hako thara rathda ne.

rahda rukman ji keno maro mano,
are mayra ri tem nikal jasi.
dhire dhire hako thara rathda ne.

श्री कृष्णा भजन लिरिक्स इन हिंदी

चार पेड़ा रो रथड़ो बणायो

चार पेड़ा रो रथडो बणायो ,रथड़ा रा पय्या निकल जासी।
धीरे धीरे हाको थारा रथड़ा ने।
गोकुल रा वासी रे मथुरा रा वासी,
धीरे धीरे हाको थारा रथड़ा ने।

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माथा री चुनड़ उड़ उड़ जावे,गजरा रो फूल बिखर जासी।
धीरे धीरे हाको थारा रथड़ा ने। टेर।

माथा री रकड़ी खुल खुल जावे,नथड़ी रा नगीना निकल जासी।
धीरे धीरे हाको थारा रथड़ा ने। टेर।

काना रा कुंडल खुल खुल जावे,पगलिया रा झांझर मारा खुल जासी।
धीरे धीरे हाको थारा रथड़ा ने। टेर।

हाथा रा चुड़ला उड़ उड़ जावे ,चुड़ला रा मोती बिखर जासी।
धीरे धीरे हाको थारा रथड़ा ने। टेर।

श्याम सुन्दर मारो केणो नहीं माने ,मनड़ा रा मोती बिखर जासी।
धीरे धीरे हाको थारा रथड़ा ने। टेर।

राधारुक्मन जी केणो मारो मानो,अरे मायरा री टेम निकल जासी।
धीरे धीरे हाको थारा रथड़ा ने। टेर।

Madhubala Rao Bhajan Lyrics

भजन/Bhajan Title = चार पेड़ा रो रथड़ो बणायो
गायिका :- मधुबाला राव
Bhajan Text- भजन

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