ज्योत से ज्योत जगाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो भजन लिरिक्स

ज्योत से ज्योत जगाते चलो ,
प्रेम की गंगा बहाते चलो।
राह में आए जो दीन दुखी ,
सबको गले से लगाते चलो।

जिसका न कोई संगी साथी ,
ईश्वर है रखवाला।
जो निर्धन है जो निर्बल है ,
वह है प्रभू का प्यारा।
प्यार के मोती लुटाते चलो,
प्रेम की गंगा बहाते चलो।
ज्योत से ज्योत …..

आशा टूटी ममता रूठी ,
छूट गया है किनारा।
बंद करो मत द्वार दया का ,
दे दो कुछ तो सहारा।
दीप दया का जलाते चलो,
प्रेम की गंगा बहाते चलो।
ज्योत से ज्योत …..

कौन है ऊँचा कौन है निचा ,
सब में वही समाया।
भेद भाव के झूठे भरम में ,
ये मानव भरमाया।
भरम ध्वजा फहराते चलो ,
प्रेम की गंगा बहाते चलो।
ज्योत से ज्योत …..

छाया है छाओं और अंधेरा ,
भटक गैइ हैं दिशाएं।
मानव बन बैठा है दानव ,
किसको व्यथा सुनाएं।
धरती को स्वर्ग बनाते चलो,
प्रेम की गंगा बहाते चलो।
ज्योत से ज्योत …..

rajan ji maharaj bhajan lyrics music video

ज्योत से ज्योत जगाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो भजन jyot se jyot jagate chalo hindi bhajan lyrics in hindi
सत्संग भजन लिरिक्स इन हिंदी
भजन :- ज्योत से ज्योत जगाते चलो
गायक :- राजन जी महाराज

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