पीपा जी की आरती लिरिक्स | pipaji maharaj ki aarti lyrics

ओम जय पीपा स्वामी ,
गुरु जय पीपा स्वामी ।
गागरोन नृप धरमी ,
भक्त नये नामी ॥

ब्रह्मज्ञान दीक्षा दी ,
रामानन्द स्वामी ।
राजपाट त्यागन कर ,
हो गये निष्कामी ।

पहुँचे पुरी द्वारिका ,
संग सीता दासी ।
सिंधु माँहि समाये ,
दर्शन अभिलाषी ।

दर्शन पाये प्रभु के ,
जग में यश जारी ।
छाप कृष्ण की तब से ,
जानत संसारी ॥

हिंसक शेर मिला एक ,
कंटक वन माँहि ।
देखत तेज तपस्या ,
गिरा चरण माँहि ॥

पा उपदेश अहिंसा ,
सब जन हितकारी ।
चहुँ दिश जय जयकारा ,
गावत नर नारी ॥

निश दिन ध्यान धरे जो ,
वांछित फल पावे ।
दुख दारिद्र मिट जावे ,
नव निधि घर आवे ॥

तुम हो दीन दयाला ,
भक्तन प्रति पाला ।
हम सब शरण तिहारी ,
मेटो भव जाला ॥

पीपा स्वामी की आरती ,
जो कोई नर गावे ।
प्रेमा भक्ति पावे ,
भव जळ तिर जावे ॥

pipa ji maharaj bhajan video

पीपा जी की आरती pipaji maharaj ki aarti आरतियाँ राजस्थानी आरतियां
आरती :- पीपा जी की
गायिका :- सुनीता देवी

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