भरोसे आपके चाले सतगुरु मारी नाव भजन लिरिक्स

भरोसे आपके चाले वो ,
सतगुरु मारी नाव। २
सतगुरु मारी नाव दयालु ,
दिनगुरु मारी नाव। २
भरोसे आपके चाले वो ,
सतगुरु मारी नाव। २

नहीं है मारे कुटुंब कबीलो ,
नहीं मारे परिवार। २
आप बिना दूजो नहीं दिखे ,
जग ने पालन हार। २
भरोसे आपके चाले वो ,
सतगुरु मारी नाव।

भव सागर उण्डो गणो रे ,
तीरू ने उतरु पार। २
निगे करू तो नजर नहीं आवे ,
भव सागर री पार। २
भरोसे आपके चाले वो ,
सतगुरु मारी नाव।

झूठी जात समंद में बेरी ,
किन विद उतरु पार। २
काम क्रोध मगरमच्छ डोले ,
खावण ने है प्यार। २
भरोसे आपके चाले वो ,
सतगुरु मारी नाव।

सतगुरु रूपी नाव बनालो ,
इण विद उतरो पार। २
सूरत जाचणी ज्ञान बाछणा ,
केवट सृजन हार। २
भरोसे आपके चाले वो ,
सतगुरु मारी नाव।

कहे कबीर सुणो भई संतो ,
बेह जाता मजधार। २
रामानंद मिलिया गुरु पूरा ,
बेडा कर दिया पार। २
भरोसे आपके चाले वो ,
सतगुरु मारी नाव।

भरोसे आपके चाले वो ,
सतगुरु मारी नाव। २
सतगुरु मारी नाव दयालु ,
दिनगुरु मारी नाव। २
भरोसे आपके चाले वो ,
सतगुरु मारी नाव। २

भरोसे आपके चाले सतगुरु मारी नाव भजन लिरिक्स bharose aapke chale satguru mari nav, satguru ka bhajan

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