रे संतो ! काल पकड़ ले जाई भजन लिरिक्स

रे संतो ! काल पकड़ ले जाई भजन लिरिक्स
Re Santo Kaal Pakad Le Jai desi marwadi bhajan lyrics

काल पकड़ ले जाई

मुंडो बांध मुनि होय बैठा ,
ढोंगी ढोंग मचाई।
आखर मांड अर्थ में केवे ,
सोनी में समझाई।
रे संतो ! काल पकड़ ले जाई।

अटल राज अनघड़ कहिजे ,
भूल रति न काई।
रे संतो ! काल पकड़ ले जाई। टेर

घोड़ी गाय और धीणो राखे ,
त्यागी पुरुष केवाई।
पीवे दूध काग ज्यू कुबदी ,
अन्न अलूणो खाई।
रे संतो ! काल पकड़ ले जाई। टेर

गीता और भागवत वाचे ,
दुनिया ने परसाई।
साजे जोग भोग संग डोले ,
बाबो जी केवाई।
रे संतो ! काल पकड़ ले जाई। टेर

साँची बात सतो सत कहणा ,
पक्ष अपक्ष न भाई।
जो कोई पक्ष ज्ञान में राखे ,
जिण को राम दुहाई।
रे संतो ! काल पकड़ ले जाई। टेर

कुड वचन कबहुँ न केणा ,
कुड धूड़ मिल जाई।
चनण शाह चेतन का डंका ,
पला न पकड़े कोई।
रे संतो ! काल पकड़ ले जाई। टेर

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desi marwadi bhajan lyrics

Re Santo Kaal Pakad Le Jai

mundo bandh muni hoy baitha,
dhongi dhong machai.
aakhar mand arth me keve,
soni me samjhai.
re santo ! kal pakad le jai.

atal raj anghad kahije,
bhul ratin kaai.
re santo ! kal pakad le jai.

ghodi gay or dhino rakhe,
tyagi purush kevai.
pive dhudh kaj jyu kubadi,
ann aluno khai.
re santo ! kal pakad le jai.

geeta or bhagwat bache,
duniya ne parsai.
saje jog bhog sang dole,
babo ji kevai.
re santo ! kal pakad le jai.

sanchi bat sato sat kahna,
paksh apaksh n bhai.
jo koi paksh gyan me rakhe,
jin ko ram duhai.
re santo ! kal pakad le jai.

kud vachan kabahu n kena,
kud dhud mil jai.
chanan shah chetan ka danka,
pala n pakde koi.
re santo ! kal pakad le jai.

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रे संतो ! काल पकड़ ले जाई

मुंडो बांध मुनि होय बैठा ,ढोंगी ढोंग मचाई।
आखर मांड अर्थ में केवे ,सोनी में समझाई।
रे संतो ! काल पकड़ ले जाई।

अटल राज अनघड़ कहिजे ,भूल रति न काई।
रे संतो ! काल पकड़ ले जाई। टेर

घोड़ी गाय और धीणो राखे ,त्यागी पुरुष केवाई।
पीवे दूध काग ज्यू कुबदी ,अन्न अलूणो खाई।
रे संतो ! काल पकड़ ले जाई। टेर

गीता और भागवत वाचे ,दुनिया ने परसाई।
साजे जोग भोग संग डोले ,बाबो जी केवाई।
रे संतो ! काल पकड़ ले जाई। टेर

साँची बात सतो सत कहणा ,पक्ष अपक्ष न भाई।
जो कोई पक्ष ज्ञान में राखे ,जिण को राम दुहाई।
रे संतो ! काल पकड़ ले जाई। टेर

कुड वचन कबहुँ न केणा ,कुड धूड़ मिल जाई।
चनण शाह चेतन का डंका ,पला न पकड़े कोई।
रे संतो ! काल पकड़ ले जाई। टेर

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