सीताराम सीताराम सीताराम कहिए जाहि विधि राखे राम भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
तुलसी इस संसार में, भांति भांति के लोग।
सबसे हिल मिल बोलिए, नदी नाव संजोग।

सीताराम सीताराम ,
सीताराम कहिये।
जाहि विधि राखे राम ,
ताहि विधि रहिये।

मुख में हो राम नाम,
राम सेवा हाथ में।
तू अकेला नाहिं प्यारे ,
राम तेरे साथ में।
विधि का विधान जान ,
हानि लाभ सहिये।
जाहि विधि राखे राम ,
ताहि विधि रहिये।
सीताराम ….

ज़िन्दगी की डोर सौंप ,
हाथ दीनानाथ के।
महलों मे राखे चाहे ,
झोंपड़ी मे वास दे |
धन्यवाद निर्विवाद ,
राम राम कहिये।
जाहि विधि राखे राम ,
ताहि विधि रहिये।
सीताराम ….

किया अभिमान तो फिर ,
मान नहीं पायेगा।
होगा प्यारे वही जो श्री ,
रामजी को भायेगा |
फल आशा त्याग शुभ ,
काम करते रहिये,
जाहि विधि राखे राम ,
ताहि विधि रहिये।
सीताराम ….

आशा एक रामजी से ,
दूजी आशा छोड़ दे।
नाता एक रामजी से ,
दूजे नाते तोड़ दे |
साधु संग राम रंग ,
अंग अंग रंगिये।
काम रस त्याग प्यारे ,
राम रस पगिये।

सीताराम सीताराम ,
सीताराम कहिये।
जाहि विधि राखे राम ,
ताहि विधि रहिये।

prakash mali ke bhajan video music song

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हिंदी भजन लिरिक्स इन हिंदी
भजन :- सीताराम सीताराम
गायक :- प्रकाश माली

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