आ बदनामी लागे मीठी मेवाड़ी राणा भजन लिरिक्स

। दोहा ।।
कृष्णा तू मत जाणियो, तो मिछड़याँ मोहे चैन।
जैसे ज बिन माछली, व तड़प रही दिन रैन।

आ तो बदनामी लागे मीठी रे ,
मेवाड़ी राणा।
आ तो बदनामी लागे मीठी।

प्रेम रे मारगिये म्हारा ,
सतगुरु मिलिया।
इन विध फिरू में अपूठी रे ,
मेवाड़ी राणा।
आ तो बदनामी लागे मीठी। टेर।

सासु नणदल म्हारी रे ,
देराणी जेठाणी।
बल जल हो गई रे अंगीठी रे ,
मेवाड़ी राणा।
आ तो बदनामी लागे मीठी। टेर।

थारे हर रा राणा ,
लोग अण भेदु।
बात करे है अनीति रे ,
मेवाड़ी राणा।
आ तो बदनामी लागे मीठी। टेर।

थारो रामैयो मीरा ,
म्हाने तो बतावो।
जद जाणुला साँची प्रीति रे ,
मेवाड़ी राणा।
आ तो बदनामी लागे मीठी। टेर।

म्हारो रामैयो राणा ,
घट घट बोले।
थारे हिये री कैया फूटी रे ,
मेवाड़ी राणा।
आ तो बदनामी लागे मीठी। टेर।

बाई मीरा कहे प्रभु ,
गिरधर रा गुण।
चढ़ गयो रंग मजीठी रे ,
मेवाड़ी राणा।
आ तो बदनामी लागे मीठी। टेर।

ramchandra ji goyal ke bhajan

आ बदनामी लागे मीठी मेवाड़ी राणा भजन लिरिक्स Aa Badnami Lage Mithi meera bai bhajan lyrics in hindi
मीरा बाई के भजन लिरिक्स
भजन :- बदनामी लागे मीठी
गायक :- रामचंद्र जी गोयल

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