जय धजा बंद धारी भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
चालो हरजी देवरे ,झठे मिलसी रामापीर।
दुखिया ने सुखिया करे बाबो साजा करे शरीर।

सांचो है दरबार आपरो ,
कळजुग रा अवतारी।
जय धजाबन्द धारी ,
जय धजाबन्द धारी।

भादरवै री बीज चांदनी ,
अजमल रे घर आया जी।
जनम कोख सु लीनो नाहि ,
पालणिये प्रकटाया जी।
कुंकु पगल्या आंगण माड्या ,
हरखी दुनिया सारी।
जय धजाबन्द धारी ,
जय धजाबन्द धारी। टेर।

गाँव रूणिचो धाम आपरो ,
भगता रे मन भावे जी।
दूर दूर सु दर्शन करवा ,
पैदल पैदल आवे जी।
बूढ़ा टाबर और लुगाया ,
आवे नित दुखियारी।
जय धजाबन्द धारी ,
जय धजाबन्द धारी। टेर।

जात पात रो भेद बापजी ,
जग सु आप मिटायो जी।
भगती रो मारग भगता ने ,
बाबा आप दिखायो जी।
दीन दुखी रा हो रखवाळा ,
आप बड़ा उपकारी।
जय धजाबन्द धारी ,
जय धजाबन्द धारी। टेर।

रामदेव री महिमा मोटी ,
दास अशोक सुणावे जी।
निज चरणा में चाकर राखो ,
चरणा शीश नमावे जी।
अब के बेड़ो पार लगावो ,
आयो शरण तिहारी।
जय धजाबन्द धारी ,
जय धजाबन्द धारी। टेर।,

dilip gavaiya ke marwadi bhajan

जय धजा बंद धारी भजन लिरिक्स, jai dhajaband dhari baba ramdev ji ke marwadi desi bhajan lyrics,
रामापीर के भजन मारवाड़ी में,
भजन :- जय धजाबन्द धारी,
गायक :- दिलीप गवैया,

Leave a Reply