तू राजा की राज दुलारी में सिर्फ लंगोटी आला भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
शीश चंद्र गले शेषनाग, और बाघम्बर धारी।
कर में डमरू त्रिशूल सोहे, नंदी की असवारी।

तू राजा की राज दुलारी ,
में सिर्फ लंगोटे वाला हु।
में भांग रगड़ ने पिया करू ,
में कुण्डी घोटे वाला हु।

तेरे सो सो दासी पास रहे ,
मेरे एक भी दासी पास नहीं।
तू रथ पालकिया सैर करे ,
में पैदल चलकर सैर करू।
तू तो है साहूकार की बेटी ,
में तो सिर्फ लंगोटे वाला हु।
में भांग रगड़ ने पिया करू ,
में कुण्डी घोटे वाला हु। टेर।

थने गृहस्थी वालो सुख चाहिये ,
में सदा फरारी रहा करू।
तू तरह तरह का भोजन जिमे ,
में तो पेट पुजारी रहा करू।
अरे एक कमंडल एक कटोरो ,
फूटे लोटे वाला हु।
में भांग रगड़ ने पिया करू ,
में कुण्डी घोटे वाला हु। टेर।

दूरदर्शनी बाबाजी की ,
आँख देख ने डर जायली।
मेरे सो सो नाग पड़े रहे गल में ,
नाग देखने डर जायली।
राख घोलकर पिया करू मेरी ,
भांग देखने डर जायली।
तू तो है साहूकार की बेटी ,
में बिलकुल टोटे वाला हु।
में भांग रगड़ ने पिया करू ,
में कुण्डी घोटे वाला हु। टेर।

पारवती से यु कहे शंकर ,
मेरो ब्याव कराणो ठीक नहीं।
शीश गंगा लिलाड़ चंदमा ,
मोड़ बंधाणो ठीक नहीं।
सुल्फा गांजा पीवणिया ने ,
भांग पिलाणी ठीक नहीं।
मोहन कहे तू बोझ मरेली ,
में जबर भरोसे वाला हु।
में भांग रगड़ ने पिया करू ,
में कुण्डी घोटे वाला हु। टेर।

sanwarmal saini ke bhajan

तू राजा की राज दुलारी में सिर्फ लंगोटी आला भजन लिरिक्स, tu raja ki raj dulari shivji bhajan hindi lyrics in hindi,
शिवजी के लिरिक्स इन हिंदी,
भजन :- तू राजा की राज दुलारी,
गायक :- सांवरमल सैनी,

 

Leave a Reply