दासी जान ने दर्शन दीजो भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
कृष्णा तो मत जाणियो, तो बिछड्यो मोहे चैन।
जैसे जल बिन माछली, वा तड़प रही दिन रेन।

भमर भालो धणी हाथ में ,
पहरण केसरियो बागो जी।
दासी जाण ने दर्शन दीजो ,
परम नाम से लागी जी।

आपरे कारणिये बाग़ लगावु ,
घुमण रे मिस आवो जी।
दासी जाण ने दर्शन दीजो ,
परम नाम से लागी जी। टेर।

रंग महल में झूला लगावू ,
झूलण रे मिस आवो जी।
दासी जाण ने दर्शन दीजो ,
परम नाम से लागी जी। टेर।

उण्डा ओरा में ढाळु ढोलिया ,
पोढण रे मिस आवो जी।
दासी जाण ने दर्शन दीजो ,
परम नाम से लागी जी। टेर।

ऊँचा रे ऊँचा होद चीणावु ,
नावण रे मिस आवो जी।
दासी जाण ने दर्शन दीजो ,
परम नाम से लागी जी। टेर।

खीर खाण्ड रा भोजन बणावू,
जीमण रे मिस आवो जी।
दासी जाण ने दर्शन दीजो ,
परम नाम से लागी जी। टेर।

मथुरा वन में गाया चरावो ,
मुरली री राग सुणावो जी।
दासी जाण ने दर्शन दीजो ,
परम नाम से लागी जी। टेर।

बाई मीरा री अरज विनती ,
जुग जुग चरणा राखो जी।
दासी जाण ने दर्शन दीजो ,
परम नाम से लागी जी। टेर।

prakash mali ke bhajan marwadi

दासी जान ने दर्शन दीजो भजन लिरिक्स, Dasi Jaan Kar Darshan Dijo meera bai bhajan lyrics in hindi
मीरा बाई के भजन लिरिक्स
भजन :- दासी जाण कर दर्शन दीजो
गायक :- प्रकाश माली

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