आरती श्री संतोषी मां की हिंदी आरति लिरिक्स

~ आरती ्री संतोषी मां की ~

जय संतोषी माता ,
मैया जय संतोषी माता
अपने जन को सुख सम्पत्ति दाता
॥ जय ॥

सुंदर वीर सुनहरी ,
मां धारण कीन्हों ।
हीरा पन्ना दमके तन श्रृंगार ीन्हों
॥ जय ॥

गेरू लाल छटा छवि ,
बदन कमल सोहे ।
मंद हंसत करुणामयी त्रिभुवन मन मोहे
॥ जय ॥

स्वर्ण सिंहासन बैठी ,
चंवर ढुरे प्यारे ।
धूप , दीप , नैवेद्य , मधुमेवा भोग धरे न्यारे
॥ जय ॥

गुड़ अरु चना परम ,
प्रियतामें संतोष कियो ।
संतोषी कहलाई भक्तन वैभव दियो
॥ जय ॥

शुक्रवार प्रिया मानत ,
आज दिवस सोही ।
भक्त मंडली छाई कथा सुनत मोही
॥ जय ॥

मंदिर जगमग ज्योति ,
मंगल ध्वनि छाई ।
विनय करें हम बालक चरनन सिर नाई
॥ जय ॥

भक्ति भाव मय पूजा ,
अंगीकृत कीजै ।
जो मन बसै हमारे इच्छा फल दीजै
॥ जय ॥

https://www.youtube.com/watch?v=wsk1JSwchdc

santoshi mata ki aarti, hindi aartiya

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