थे तो धरनी पधारिया गंगा माय त्रिवेणी थाने अरज करा भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
गंगा जमना सरस्वती, भागीरथ रे भाव।
मृत्यु लोक में गंगा लायो, तप ने एकण पाँव।

थे तो धरणी पधारया गंगा मांय ,
त्रिवेणी थाने अरज करा।

भागीरथ जलम्यो दलीप रे ,
सगर कुल रे मांय।
गंगा लावण ने तप कियो रे ,
घोर तपस्या रे मांय।
थे तो धरणी पधारया गंगा मांय ,
त्रिवेणी थाने अरज करा। टेर।

गंगा प्रसन्न हुई भक्त पर ,
दर्शन दिया आय।
कयो वेग ने कुण रोकेला ,
जाऊ में रसातल रे मांय।
थे तो धरणी पधारया गंगा मांय ,
त्रिवेणी थाने अरज करा। टेर।

भागीरथ शिव री करी तपस्या ,
राली जटा रे मांय।
धारा छूटी पन्थ बुवार ,
गंगा ने सागर ले जाय।
थे तो धरणी पधारया गंगा मांय ,
त्रिवेणी थाने अरज करा। टेर।

गंगा कयो हरिद्वार सु ,
कुम्भ कलश ले जाय।
डांगडी रात मोक्ष करावे ,
जल सु पवित्र हो जाय।
थे तो धरणी पधारया गंगा मांय ,
त्रिवेणी थाने अरज करा। टेर।

माली छंवर के गंगा भेज्या ,
पितरा ने स्वर्ग रे मांय।
आय गंगाजी सु रात जगावो ,
आवा गमन मिट जाय।
थे तो धरणी पधारया गंगा मांय ,
त्रिवेणी थाने अरज करा। टेर।

गंगा मैया के भजन लिरिक्स
भजन :- थे तो धरणी पधारया गंगा
गायक :- मोइनुद्दीन मनचला
थे तो धरनी पधारिया गंगा माय भजन लिरिक्स The To Dharni Padhariya Ganga bhajan lyrics, ganga maiya ke bhajan

moinuddin manchala ke mata rani ke bhajan bhajan music video Song

The To Dharni Padhariya Ganga ganga maiya ke bhajan lyrics in English

the to dharni padharya ganga may,
trivani thane araj kara.

bhagirath jalmyo dalip re,
sagar kul re maay.
ganga lavan ne tap kiyo re,
ghor tapsya re maay.
the to dharni padharya ganga may,
trivani thane araj kara.

ganga prasann hue bhakt par,
darshan diya aay.
kayo veg ne kun rokela,
jau me rasatal re maay.
the to dharni padharya ganga may,
trivani thane araj kara.

bhagirath shiv ri kari tapsya,
rali jata re maay.
dhara chuti panth buvar ,
ganga ne sagar le jaay.
the to dharni padharya ganga may,
trivani thane araj kara.

ganga kayo haridwar su,
kumbh kalash le jaay.
dangadi rat moksh karave,
jal su pavitra ho jaay.
the to dharni padharya ganga may,
trivani thane araj kara.

mali chhanvar ke ganga bhejya,
pitra ne swarg re maay.
aay gangaji su rat jagavo,
aava gaman mit jaay.
the to dharni padharya ganga may,
trivani thane araj kara.

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