मन रे सत री संगत करिये भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
तुलसी भरोसे राम के, निर्भय होके सोय।
अनहोनी होनी नहीं, होनी हो सो होय।

सत री संगत रा महातम सुनिये ,
राम सभा करिये।
शूरवीरो रा ए ही लक्षण ,
समझ पांव धरिये।
मन रे, सत री संगत करिये।

राम भजन रे कारणे ,
मिनखा देह धरिये।
मन रे, सत री संगत करिये। टेर। ….

एकण रंगा एकण वरणा ,
एकण घाट घड़िये।
तपधारी रा देख तमाशा ,
खमा खमा करिये।
मन रे, सत री संगत करिये। टेर। ….

सोना चांदी परदे धरिये ,
लोहा चौक धरिये।
काम पड़े झगडे में जावे ,
शूरवीरो से अडीये।
मन रे, सत री संगत करिये। टेर। ….

दया गरीबी और आधीनता ,
पापी तो रुळिये।
पुरखदास सतगुरु रे शरणे ,
भवसागर तिरिये।
मन रे, सत री संगत करिये। टेर। ….

चेतावनी भजन लिरिक्स मारवाड़ी
भजन :- सत री संगत करिये
गायक :- श्याम लाल वैष्णव
मन रे सत री संगत करिये भजन लिरिक्स sat ri sangat kariye bhajan lyrics chetawani bhajan lyrics

shyam vaishnav ke bhajan

sat re sangat kariye chetawani bhajan lyrics in Engilsh

sat ri sangat ra mahatam suniye,
ram sabha kariye.
surveero ra e hi lakshan,
samajh panv dhariye.
man re sat ri sangat kariye.

ram bhajan re karne,
minkha deh dhariye.
man re sat ri sangat kariye.

aikan ranga aikan varna,
aikan ghat ghadiye.
tapdhari ra dekh tamasha,
khama khama kariye.
man re sat ri sangat kariye.

sona chandi parde dhariye,
loha chok dhariye.
kam pade jhagde me jave,
surveero se adiye.
man re sat ri sangat kariye.

daya garibi or aadhinta ,
papi to ruliye.
purakhdas satguru re sharne,
bhavsagar tiriye.
man re sat ri sangat kariye.

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